आइये आपकी जन्म कुंडली से जाने : विदेश यात्रा के योग और उनके प्रभाव

चलिए, चलते हैं आपकी जन्म कुंडली के सरगर्मी सवालों में, जहाँ तारे और ग्रह आपके भविष्य की कहानी कहते हैं। आइए, इस खोज में हम जानते हैं कि क्या विदेश यात्रा आपके लिए राजा का शवसान्य या विपत्ति का सफर हो सकता है।

सूर्य की बात करें तो, वो जैसे आपके विदेश यात्रा के साथ साथ मान-सम्मान का भी पैकेज हो रहे हैं। अगर वे आपके कुंडली में उच्च स्थित हैं, तो विदेश में आपका सिर ऊँचा हो सकता है। लेकिन अगर सूर्य अपनी शक्ति खो चुके हैं, तो विदेश की यात्रा में थोड़ी मुश्किलें आ सकती हैं।

आपके चंद्र ग्रह की स्थिति भी यहाँ महत्वपूर्ण है। अगर चंद्रमा आपकी कुंडली में उच्च रहे, तो विदेश जाना आसान हो सकता है, जैसे कि आपकी पाँव पड़ती हो समुंद्र की रेत पर। लेकिन चंद्र ग्रह की खराब स्थिति में, विदेश यात्रा के दौरान आपको तंग करने वाली स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

अब बारी मंगल की है, जो कि आपके कुंडली में अपने उच्च रूप में हैं। ऐसा माना जाता है कि विदेश जाकर आप न केवल वहाँ बस सकते हैं, बल्कि वापसी पर भी अपने देश में अच्छे प्रभाव डाल सकते हैं।

आपके गुरु ग्रह की मौजूदगी भी विदेश यात्रा की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। वे आपको उच्च शिक्षा और सभी के हित के लिए विदेश ले जा सकते हैं।

चंद्र और शुक्र की युति के तले छुपी है आपकी विदेश यात्रा की कुंजी। यदि यह दोनों ग्रह आपके कुंडली में साथ हैं, तो आपकी विदेश यात्रा तय ही है, जैसे कि वे एक साथ प्लेन पर सवार हो रहे हों।

अंत में, यदि तकनीकी क्षेत्र में आपका कला है, तो शनि, राहु और केतु ने विदेश यात्रा के दरवाजे खोले हैं। वे आपको विदेश में काम के अवसर प्रदान कर सकते हैं, बस आपको उन पर ध्यान देना होगा।

इस रूपरेखा में आपकी कुंडली के ग्रहों के साथ खेलते हुए, विदेश यात्रा के मस्ती और मुद्दों को जानने का समय आया है। यात्रा करने वाले आप, अपने ग्रहों के साथ यह सफर तय करें, और जानें कि आपके लिए विदेश की रिमोट कहानियों में क्या छुपा है।

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार – 9438741641 (call/ whatsapp)

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