हमारे जीवन में कौन-कौन से रिश्तेदार किस ग्रह की भूमिका निभाते हैं :

वर्तमान समय की गतिविधियों में एक खास रूप से विशिष्ट दृष्टिकोण से हम सभी अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति की जन्म पत्रिका विचार करने पर यह जानना महत्वपूर्ण हो सकता है कि उनके जीवन में उनके परिवार और रिश्तेदार किस प्रकार के प्रभाव का हिस्सा बनते हैं।

सूर्य की किरणें पिता, ताऊ और पूर्वज की भूमिका को प्रकट करती हैं, जबकि चंद्रमा माता और मौसी के संवाद का प्रतीक होता है। मंगल भाई और मित्र की ओर संकेत करता है, जबकि बुध बहनों, बुआओं, बेटियों, सालियों और ननिहाल पक्ष के संबंधों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। गुरु का संवाद पिता, दादा, गुरु और देवताओं के साथ जुड़े रिश्तों की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है। इसी तरह, शुक्र पत्नी या साथी के साथ जुड़े रिश्तों को प्रकट करता है और शनि काका, मामा, सेवक और नौकरों के संबंधों की महत्वपूर्णता को उजागर करता है।

राहु और केतु एक विशेष तरह के संबंध को प्रकट करते हैं, जिसमें राहु साले और ससुर के संबंध की भूमिका को दर्शाता है और केतु संतान और बच्चों के साथ जुड़े संबंध का प्रतिनिधित्व करता है। आपकी जन्म पत्रिका में बुध की नीच स्थिति होने पर, आपके बहनों, बेटियों, बुआओं और सालियों के साथ संबंधों में किसी तरह की कमजोरी या पीढ़ीतता हो सकती है। ऐसे में, ज्योतिष श्री गणेश जी या देवी पूजा की सलाह आपके लिए उपयुक्त हो सकती है।

यदि आपने अपने बुध कारक रिश्तेदारों के साथ छल-कपट किया या उनके साथ दुख तकलीफ पहुंचाई है, तो बिना किसी जादू-टोने के यहाँ तक कि यहाँ तक कि बिना किसी जादू-टोने के, आपको सुधारने के लिए कई प्रयासों की आवश्यकता हो सकती है। शान्ति प्राप्ति के लिए आपको संयम, सत्यनिष्ठा, और परिश्रम की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है।

इस प्रकार, हम देखते हैं कि ज्योतिष द्वारा हमें हमारे जीवन में विभिन्न रिश्तों की महत्वपूर्णता का ज्ञान मिलता है, लेकिन हमारे आचरण और संवादों से निकलने वाले प्रभाव को समझने और सुधारने का अधिक महत्व होता है।

FAQs :
1. क्या ग्रहों का वास्तविक में मानव जीवन पर प्रभाव होता है?
हां, विज्ञान और ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों का मानव जीवन पर वास्तविक प्रभाव होता है।

2. क्या हम अपने जीवन में ग्रहों के प्रभाव को नियंत्रित कर सकते हैं?
हां, ध्यान, धार्मिकता, और योग्यता के साथ हम अपने जीवन में ग्रहों के प्रभाव को सकारात्मक दिशा में बदल सकते हैं।

3. क्या ग्रहों का सिर्फ बुरा ही प्रभाव होता है?
नहीं, ग्रहों का सिर्फ बुरा नहीं, बल्कि सकारात्मक भी प्रभाव होता है। उनकी चालन और स्थिति के आधार पर वे हमारे जीवन में सफलता और सुख की ओर मदद कर सकते हैं।

4. क्या ग्रहों के प्रभाव को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से साबित किया जा सकता है?
वैज्ञानिक समुदाय इस पर विचारण कर रहे हैं, लेकिन अब तक ग्रहों के प्रभाव को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से स्पष्ट रूप से साबित नहीं किया गया है।

5. क्या ग्रहों के प्रभाव को अनदेखा किया जा सकता है?
हम ग्रहों के प्रभाव को अनदेखा नहीं कर सकते, क्योंकि वे हमारे जीवन में वास्तविक और मानवीय प्रभाव डालते हैं। यह हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए उनके साथ सही तरीके से संघर्ष करने की आवश्यकता है।

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार – 9438741641 (call/ whatsapp)

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