अपामार्ग के तांत्रिक प्रयोग: आदिकालीन रोगनिवारण का अद्भुत तंत्र

अपामार्ग, जिसे संस्कृत में “अर्क” कहा जाता है, विशेष रूप से तांत्रिक उपचारों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्राचीन समय से ही, भारतीय ऋषियों और तांत्रिकों ने इसे विभिन्न रोगों के उपचार के रूप में प्रयोग किया है। अपामार्ग के पत्तों, रशों, और बीजों का उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में किया गया है, जैसे कि त्वचा रोग, जोड़ों की दर्द, और पाचन संबंधित समस्याएँ। भारतीय संस्कृति में आयुर्वेद और ज्योतिष गहरी परंपराओं के साथ जुड़े हैं। इन परंपराओं में से एक महत्वपूर्ण प्रयोग है – “अपामार्ग के तांत्रिक प्रयोग”। इस लेख में, हम इस प्राचीन उपचार की महत्वपूर्ण विधियों को जानेंगे जो रोगनिवारण में आज भी अपनाये जाते हैं।

तांत्रिक विधियों का अद्भुत प्रभाव :
तांत्रिक उपचारों के प्रयोग से आयुर्वेदिक चिकित्सा में बड़ी सफलता मिली है। अपामार्ग के रस का सेवन शरीर में नये ऊर्जा का संचार करता है और विभिन्न रोगों का निदान करने में मदद करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक होता है और बीमारियों के प्रति प्रतिरोध में मदद करता है।

अपामार्ग के उपयोग की विधियाँ :
1. अपामार्ग का रस
अपामार्ग के पत्तों से निकाला गया ताजा रस पीने से त्वचा की स्वास्थ्य सुधारता है और त्वचा संबंधित समस्याओं का समाधान होता है।

2. अपामार्ग के पत्ते का पैस्ट
ताजा अपामार्ग के पत्तों को पीसकर बनाएं पेस्ट और इसे त्वचा पर लगाने से जलन, खुजली और दानों में आराम मिलता है।

3. अपामार्ग के बीजों का तेल
अपामार्ग के बीजों से निकाला गया तेल जोड़ों के दर्द में आराम प्रदान करता है और उन्हें मजबूती प्रदान करता है।

4.इसकी चार अंगुल की जड को गाय के घी से सिद्ध करके योनि में प्रबिष्ट कराकर 108 मंत्र दुर्गा का पढने से रुका हुआ मासिक या गर्भ तुरंन्त बाहर आ जाता है।
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5. इसके सात अंगुल की जड को 108 दुर्गा मंत्र से सिद्ध करके किसी के घर मे फेंक्ने पर बांछित सदस्य बशीभूत हो जाता है।

6. अपामार्ग की जड को घिसकर अनार की छाल के रस मे मिलाकर आज्ञाचक्र पर तिलक करने से देखने बाला बशीभुत होता है।

7. अपामार्ग की जड को घिसकर बिछू के काटने के स्थान पर लगाने से बिष दूर हो जाता है।

नए युग में अपामार्ग का पुनर्जागरण :
वैज्ञानिक अनुसंधान ने भी प्रमाणित किया है कि अपामार्ग के उपयोग से विभिन्न रोगों के इलाज में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आजकल, लोग पुरानी तांत्रिक प्रथाओं को फिर से अपना रहे हैं और इसे एक आयुर्वेदिक उपचार के रूप में अपना रहे हैं।

समापन :
अपामार्ग के तांत्रिक प्रयोगों का महत्व आज भी अद्वितीय है। इन प्राचीन उपायों को आजके युग में भी अपनाकर हम अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं।

(FAQs) :
क्या अपामार्ग के उपयोग में किसी प्रकार की साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?
नहीं, अपामार्ग का उपयोग सामान्यत:ः त्वचा संबंधित समस्याओं के उपचार के रूप में किया जाता है और इसका कोई खास साइड इफेक्ट नहीं होता है।

क्या अपामार्ग के तांत्रिक प्रयोग गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?
नहीं, गर्भवती महिलाओं को अपामार्ग के तांत्रिक प्रयोग से बचना चाहिए, क्योंकि इसके प्रयोग के बारे में गर्भावस्था के दौरान जानकारी बहुत कम है।

क्या अपामार्ग के प्रयोग से वजन कम किया जा सकता है?
नहीं, अपामार्ग के प्रयोग से वजन कम करने का कोई सिद्धांत नहीं है। वजन कम करने के लिए सही आहार और नियमित व्यायाम का पालन करना जरूरी है।

क्या बच्चों के लिए अपामार्ग के प्रयोग किया जा सकता है?
नहीं, अपामार्ग के प्रयोग को बच्चों के लिए अवश्य नहीं किया जाना चाहिए।

क्या तांत्रिक प्रयोगों का वैज्ञानिक आधार है?
अभी तक, तांत्रिक प्रयोगों का पूरी तरह से वैज्ञानिक आधार स्वीकृत नहीं है, लेकिन कुछ शोधों ने इसके उपयोग से सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं।

अपामार्ग के तांत्रिक प्रयोग हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर में से एक हैं। यह प्राचीन उपचार विधियाँ आज भी हमें स्वस्थ जीवन जीने का सही तरीका सिखाती हैं।

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार: 9438741641 (call/ whatsapp)

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